Devine Life
Monday, 27 June 2016
स्नेह अद्र्श्य है और अद्भुत भी
स्नेह अदृश्य है और अद्भुत भी ....!!! लेकिन हृदय के लिए यह आवश्यक है कि सही समय पर सही स्नेह से परिचय हों, जो दूरगामी हो और विश्वशनीय भी..!!!
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